स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन कैलकुलेटर
घर की क़ीमत के ऊपर आप राज्य को दो शुल्क देते हैं। स्टाम्प ड्यूटी प्रॉपर्टी की क़ीमत का एक प्रतिशत होती है। रजिस्ट्रेशन फ़ीस बिक्री को आपके नाम दर्ज करती है। कुछ शहरों में मेट्रो सेस भी जुड़ता है। दरें राज्य-राज्य में अलग हैं, और कई राज्य महिला खरीदारों से कम लेते हैं। अपना राज्य चुनें, प्रॉपर्टी की क़ीमत भरें और खरीदार चुनें। आपको ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन फ़ीस, सेस और कुल रकम दिखेगी। यहाँ की दरें अनुमानित हैं और सार्वजनिक स्रोतों से ली गई हैं। हर राज्य के पेज पर तारीख़ और स्रोत दिया है। असल शुल्क शहर, प्रॉपर्टी की उम्र और इस पर अलग हो सकता है कि आप बिल्डर से खरीद रहे हैं या पुराने मालिक से। इस कुल रकम को अपने डाउन पेमेंट के बजट में जोड़ें। अंतिम रकम आपके सब-रजिस्ट्रार दफ़्तर में पता चलेगी।
खरीदार
- स्टांप ड्यूटी
- ₹2,50,000
- रजिस्ट्रेशन फीस
- ₹30,000
- मेट्रो सेस
- ₹50,000
- कुल देना होगा
- ₹3,30,000
यह सिर्फ अंदाज़ा है। दरें शहर, प्रॉपर्टी के प्रकार और खरीदार के हिसाब से अलग होती हैं और अक्सर बदलती रहती हैं। पैसे देने से पहले सब-रजिस्ट्रार से पूछ लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- स्टांप ड्यूटी क्या है?
- यह प्रॉपर्टी के ट्रांसफर पर राज्य का टैक्स है, जो प्रॉपर्टी की कीमत के प्रतिशत के रूप में लगता है। आप इसे सेल डीड पर दस्तखत करते समय चुकाते हैं।
- क्या महिलाओं को कम स्टांप ड्यूटी देनी पड़ती है?
- कई राज्यों में हाँ। दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में महिला खरीदारों के लिए कम दरें हैं। फर्क देखने के लिए कैलकुलेटर में खरीदार चुनें।
- क्या मैं स्टांप ड्यूटी को अपने होम लोन में शामिल कर सकता हूँ?
- आमतौर पर नहीं। बैंक प्रॉपर्टी की कीमत के हिसाब से लोन देते हैं, और स्टांप ड्यूटी व रजिस्ट्रेशन आपको अपनी बचत से भरना पड़ता है।