होम लोन टैक्स बेनिफिट कैलकुलेटर
होम लोन दो तरह से आपका इनकम टैक्स घटा सकता है। आप जो मूलधन चुकाते हैं, वह ₹1.5 लाख की धारा 80C सीमा में गिना जाता है। अपने रहने वाले घर पर चुकाया ब्याज धारा 24(b) के तहत साल में ₹2 लाख तक घटाया जा सकता है। दोनों सिर्फ़ पुरानी टैक्स व्यवस्था में मिलते हैं। नीचे अपने लोन का ब्योरा भरें और टैक्स स्लैब चुनें। कैलकुलेटर आपकी पहली 12 EMI से मूलधन और ब्याज लेता है, दोनों सीमाएँ लगाता है और दिखाता है कि उस साल आप कितना टैक्स बचा सकते हैं। ब्याज शुरुआती सालों में सबसे ज़्यादा होता है, इसलिए फ़ायदा आमतौर पर शुरू में सबसे बड़ा रहता है। धारा 80C में PF और जीवन बीमा जैसे दूसरे निवेश भी आते हैं, इसलिए आपकी असल गुंजाइश कम हो सकती है। यह प्लानिंग के लिए अनुमान है, टैक्स की सलाह नहीं। फ़ाइल करने से पहले किसी टैक्स विशेषज्ञ से पूछ लें।
₹50 L
आपका टैक्स स्लैब
- पहले साल चुकाया गया मूलधन
- ₹1,13,492
- पहले साल चुकाया गया ब्याज
- ₹3,66,202
- सेक्शन 80C की कटौती (अधिकतम ₹1.5 लाख)
- ₹1,13,492
- सेक्शन 24(b) की कटौती (अधिकतम ₹2 लाख)
- ₹2,00,000
- पहले साल की टैक्स बचत
- ₹94,048
सिर्फ पुरानी टैक्स व्यवस्था में, खुद रहने वाले घर के लिए। नई व्यवस्था में ये कटौतियाँ नहीं मिलतीं। यह प्लानिंग का अनुमान है, टैक्स सलाह नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- होम लोन पर मैं कितना टैक्स बचा सकता हूँ?
- पुरानी व्यवस्था में साल में ₹3.5 लाख तक की कटौती: मूलधन पर 80C के तहत ₹1.5 लाख और ब्याज पर 24(b) के तहत ₹2 लाख। आपकी बचत उस रकम को आपके स्लैब की दर से गुणा करने पर निकलती है।
- क्या नई टैक्स व्यवस्था में ये कटौतियाँ मिलती हैं?
- नहीं। मूलधन पर 80C और खुद रहने वाले घर के ब्याज पर 24(b) की कटौती तभी मिलती है जब आप पुरानी व्यवस्था चुनें।
- शुरुआती सालों में फायदा ज़्यादा क्यों होता है?
- शुरुआती EMI में ज़्यादातर ब्याज होता है, इसलिए आप 24(b) की सीमा जल्दी छू लेते हैं। बाद में ब्याज घटता है और बचत भी घट जाती है।